कुरान के वैज्ञानिक चमत्कार
६ दिनों (६अवधियों) में सृष्टी का निर्माण
पार्ट-३
कुरान में सूरह अल बकरह पाठ संख्या २५ आयत संख्या २५५ में लिखित है कि
(255) अल्लाह उसके अतिरिक्त कोई उपास्य नहीं। वह जीवित है, संपूर्ण जगत का संभालने वाला है, उसको न ऊँघ आती है न निद्रा। उसी का है जो कुछ आकाशों में और पृथ्वी मं है। कौन है जो उसके पास उसकी अनुमति के बिना सिफारिश कर सके। वह जानता है जो कुछ उनके आगे है और जो कुछ उनके पीछे है। और वह अल्लाह के ज्ञान में से किसी चीज़ को घेरे (परिधि) में नहीं ले सकते, परन्तु जो वह चाहे। उसकी सत्ता आकाशों और पृथ्वी पर छायी हुई है। वह थकता नहीं उनके थामने से। और वही है उच्च प्रतिष्ठा का मालिक, महान।
दूसरी तरफ , यदि हम समय की कल्पना करें तो तो ६ दिन का समय एक भिन्न अन्तराल बनता है,जिसका कारण है है कि समय के गुजरने की गति बह्मांड के फैलने के अनुपात से कम होती जाती है,,बिंग बैंग के आरंभ से अब तक बह्मांड का आकार दो गुना हो चुका है,और समय के गुजरने की गति उससे आधी हो चुकी है,जैसे जैसे बह्मांड का आकार बढ़ता गया,जिस गति से आकार दोगुना हुआ समय की गति कम हुई, बह्मांड के आकार के बढ़ने का यह सिद्धांत एक वैज्ञानिक तथ्य है जो अब शैक्षिक पुस्तकों में है,यह साहित्य अब 'फिज़िकल कौसमोलोजी' का आधार हैं, जब हब सृष्टी की रचना का हर दिन की पृथ्वी के समयनुसार गणना करते हैं, कुछ इस प्रकार की स्थिति होती है
जिस समय 'समय' आरंभ हुआ उस स्थिति की कल्पना करें, सृष्टी की रचना की पहल दिन ( पहला युग,अवधि,अंतराल) जो २४ घंटे घटित हुआ,हालांकि यह समय बराबर होगा ८ बिलियन वर्षों के पृथ्वी के समय की तुलना में,
सृष्टी की रचना का दूसरा दिन (दूसरा युग,अवधि,अंतराल) जो २४ घंटे घटित हुआ,लेकिन यह समय पहले की तुलना में आधा समय रहा, हालांकि यह समय बराबर होगा ४ बिलियन वर्षों के पृथ्वी के समय की तुलना में,
सृष्टी की रचना का तीसरा दिन( तीसरा युग,अवधि,अंतराल) यह युग दूसरे की तुलना में आधा रहा, अर्थात २ बिलियन वर्ष,
सृष्टी की रचना का चौथा दिन (चौथा युग,अवधि,अंतराल) एक बिलियन वर्ष तक रहा,
सृष्टी की रचना का पांचवां दिन (पांचवां युग,अवधि,अंतराल) ५०० मिलियन वर्ष तक रहा,
और
सृष्टी की रचना का छठा दिन ( (छठा युग,अवधि,अंतराल) २५० मिलियन वर्ष तक रहा,
निष्कर्ष:
जब इन ६ दिन ( ६ युग,अवधि,अंतराल) के समय को पृथ्वी के समय के परिपेक्ष में आपस में जोडा जाता है तो कुल योग आता है, १५ बिलियन ७५० मिलियन वर्ष ,
और यह गणना आधुनिक समय की गणनाओं के समीप है,
और यह निष्कर्ष २१वीं सदी के विज्ञान द्वारा किया गया है,और विज्ञान एक बार फिर उस तथ्य को सत्यापित करता है जो १४०० वर्ष पूर्व कुरान में लिखित है,और कुरान और विज्ञान में यह समानता एक और चमत्कारिक प्रमाण है कि कुरान ईश्वर की पुस्तक है,

